महत्वपूर्ण शब्दावली
यक्षगान:-
यह कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में किया जाने वाला प्रसिद्द लोकनाट्य है। यक्षगान का शाब्दिक अर्थ है- यक्ष के गान।कर्नाटक में यक्षगान की परम्परा लगभग 800 वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह संगीत, नृत्य, भाषण और वेशभूषा का एक समृद्ध कलात्मक मिश्रण है। यक्षगान की कई समांतर शैलिया है जिनकी प्रस्तुति आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में की जाती है। गोम्बेयेट्टा कठपुतली रंगमंच/नाट्य यक्षगान का सबसे निकट अनुसरण करता है।