जाने मावठ या मावठा के बारे में, जो कि है महत्वपूर्ण शब्दावली।

Zyan Ki Bate
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आज की इस पोस्ट में हम मावठ या मावठा के बारें में जानेंगे जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण शब्दावली है। तो आइये जानते है.......

मावठ या मावठा

मावठा एक राजस्थानी शब्द है, जिसका अर्थ होता है "माघ वृष्टि।" माघ शब्द से तो आप सभी परिचित ही होंगे, यह एक हिंदी महीने का नाम है जो जनवरी में होता है। मावठ का सम्बन्ध एक प्रकार की वर्षा से है। यह वर्षा माघ के महीने में या सर्दियों में होती है इसलिए इसे स्थानीय भाषा में मावठ कहते है। ये बिना मौसम की वर्षा होती है। भूमध्य सागर से लेकर भारत तक खाली मैदान और रेगिस्तान होने की वजह से हवा बिना किसी रुकावट के भारत तक पहुँचती है और वर्षा का माहौल बन जाता है।

राजस्थान-मध्यप्रदेश

मावठ वर्षा का खास महत्त्व ये है कि ये वर्षा रबी की फसल के लिए अमृत के सामान है, क्योकि इस सीजन की सभी फसले सिंचाई पर निर्भर होती है। इस प्रकार से जब ये वर्षा हो जाती है तो फसले बारिश का पानी पाकर लहलहा उठती है। साथ ही सिचाई में भी राहत मिलती है। अभी भी भारत में बहुत सारे ऐसे इलाके है जहा सिचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार के क्षेत्र के लिए तो यह वर्षा वरदान साबित होती है। इस प्रकार से कृषि की उपज में थोड़ी सी वृद्धि हो जाती है।

ये भूमध्यसागरीय मानसून भारत में पश्चिमी दिशा राजस्थान से होते हुए प्रवेश करता है। पश्चिमी दिशा से प्रवेश करने के कारण इसे पश्चिमी विक्षोभो का मानसून के नाम से भी जाना जाता है। इस मानसून से राजस्थान के उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में वर्षा होती है और मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र में। रबी में होने वाली प्रमुख फसलों में गेंहू, चना, मसूर है। ये वर्षा तो होती है सभी फसलों के लिए उपयोगी, लेकिन सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाती है गेंहू की फसल के लिए, इसलिए इस वर्षा को "गोल्डन ड्रॉप्स" या "सोने की बून्द" के नाम से भी जाना जाता है।   

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