महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?

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आज के इस लेख में हम जानेंगे कि शहीद दिवस हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (बापू) जी की पुण्यतिथि को ही क्यों मनाया जाता है?

तो आइये जानते है........

हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी जिन्हे सत्य और अहिंसा का पुजारी कहा जाता है और जिन्हे हम प्यार से बापू कहकर संबोधित करते है, भला इनके बारे में कौन नहीं जानता होगा! स्कूलों में बच्चे बचपन से किताबों में बापू जी के बारें में किस्से और कहानियां पढ़ते है, इसके अलावा घर के बुजुर्ग भी बच्चों को बापू जी के बारे में कुछ न कुछ बताते रहते है और इन सब चीजों पर भी भारी पड़ता है भारतीय नोट। जिसे हर कोई बचपन से देखता आया है। इससे ज्यादा बापू जी की ख्याति बारे में और क्या कहना!!!

महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि

देश छोड़िये...., देश का तो बच्चा-बच्चा बापू नाम से परिचित है। विश्व स्तर की बात करे तो विश्व में भी हमारे बापू जी ख्याति बहुत ज्यादा है। जितनी हम अपेक्षा नहीं कर सकते उससे कही ज्यादा बापू जी की ख्याति विदेशो में है। कई ऐसे देश है जहां कि प्रमुख सड़के, खेल के मैदान, पार्क, बड़े-बड़े भवन, चौराहे, शैक्षणिक संस्थान आदि....., के नाम हमारे राष्ट्रपिता बापू जी के नाम पर रखे गए है।

ब्रिटेन में गांधी जी की ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमा का अनावरण। Historical Bronze Statue of Gandhi Ji Unveiled in UK. 

ये तो छोड़िये, भारत में अपने औपनिवेशक शासन काल में गांधी जी को अपना कट्टर विरोधी मानने वाली ब्रिटेन सरकार ने लंदन स्थित पार्ल्यामेंट स्क्वेयर में 14 मार्च 2015 को महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमा का अनावरण करवाया। इसे महात्मा गांधी जी के लिए ब्रिटेन सरकार द्वारा दिया गया दुर्लभ सम्मान के तौर पर देखा जा सकता है। उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन थे।

ब्रिटेन सरकार ने लंदन स्थित पार्ल्यामेंट स्क्वेयर में 14 मार्च 2015 को महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमा का अनावरण करवाया।

इस अनावरण समारोह में शामिल होने उस समय के भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली जी पहुंचे थे, उनके साथ इस अनावरण समारोह में सम्मिलित होने कई राजनेता समेत हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन और गांधी जी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी भी ब्रिटेन गए हुए थे। गांधी जी ऐसे पहले भारतीय है जिनकी प्रतिमा ब्रिटेन में लगाई गयी। गांधी जी की यह प्रतिमा पैलेस ऑफ़ वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद के दोनों सदनों के ठीक बीच में लगाई गयी, बापू जी को सत्य, न्याय और अहिंसा का प्रतीक मानकर ऐसा किया गया।

उस क्षण और समय को याद करते हुए थोड़ा महसूस करिये कि उस क्षण सम्पूर्ण भारत और भारतवासी कितना गौरवान्वित महसूस किए होंगे, जब गांधी जी के पसंदीदा गीत "रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम" की मधुर धवनि की गूंज के साथ ब्रिटेन जैसे देश में उनकी मूर्ति का अनावरण किया गया। गांधी जी एकलौते ऐसे व्यक्ति थे जो बिना किसी पद पे रहे हुए अपना सम्पूर्ण जीवन देश की सेवा और लोकतंत्र को बचाए रखने में न्यौछावर कर दिया।

गांधी जी को "अर्द्धनग्न फ़कीर" कहकर उनके विचारो को ख़ारिज करने वाले ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल

गांधी जी को "अर्द्धनग्न फ़कीर" कहकर उनके विचारो को ख़ारिज करने वाले ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की प्रतिमा गांधी जी की प्रतिमा के बगल में लगी हुई है। इसके अलावा नेल्सन मंडेला समेत अन्य कई महान नेताओं की भी प्रतिमा आस-पास लगी हुई है। यहाँ तक कि गांधी जी को नापसंद करने वाला मुल्क पाकिस्तान में भी उनकी दो मूर्तिया है। पाकिस्तान उन मूर्तियों का आड़ लेकर तब अपने आप को उदार साबित करने की कोशिश करता है, जब उस पर असहिष्णु होने के आरोप लगते है। अब इससे ज्यादा बापू जी की ख्याति की बाते और क्या हो सकती है।

शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है? Why is Martyr's Day celebrated?

आज हम बापू जी की बात इसलिए कर रहे है, क्योंकि आज उनकी पुण्य तिथि है और उनकी पुण्य तिथि 30 जनवरी को हर साल शहीद दिवस के रूप में मनाई जाती है, वो इसलिए क्योंकि नाथूराम गोड़से ने 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। आज महात्मा गांधी जी की 74 वीं पुण्यतिथि हैं, गांधी जी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे, भारत की आजादी में गांधी जी ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी। देश की आजादी के लिए गांधी जी कई बार जेल भी गए।


नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को बापू का सीना उस वक्‍त छलनी कर दिया, जब वे दिल्‍ली के बिड़ला भवन में शाम की प्रार्थना सभा से उठ रहे थे। शहीद दिवस के दिन हर साल राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेना के प्रमुख राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, साथ ही सेना के जवान इस मौके पर गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सम्मान में अपने हथियार को नीचे झुकाते हैं। इस मौके पर पूरे देश में गांधी जी समेत अन्य शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा जाता है।

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